मेरी हर धड़कन भारत के लिए है...

Tuesday, 26 January 2010

हमने यह गणतंत्र मनाया.




देश प्रेम में अलख जगाकर,
अमर शहीदों की यादों में. 
झंडे नीचे शपथ उठाकर, 
हमने यह गणतंत्र मनाया... 
फिर से हमने जड़ें सींचकर, 
अपने खून पसीने से, 
नई पौध को आगे लाकर, 
हमने यह गणतंत्र मनाया.... 
झूठे वादे फिर से सुनकर, 
रटी रटाई भाषा में, 
फिर से सपने नए देखकर, 
हमने यह गणतंत्र मनाया.... 
आशाओं की आस दिखाकर, 
भूखे बच्चों की आँखों में  
खूब मिठाई फिर से खाकर,  
हमने यह गणतंत्र मनाया.... 
सपने टूटे फिर टकराकर, 
पिसते भारत के मन में, 
झूठी क़समें फिर से खाकर, 
हमने यह गणतंत्र मनाया.... 
कुछ की जान हुई न्योछावर, 
कुछ कमरों में बैठे हैं 
अपना भ्रष्टाचार दिखा कर, 
हमने यह गणतंत्र मनाया.... 
चाँद सतह पर आज पहुंचकर, 
देश जगा है अपनी   रौ में  
मेधा की अब ज्योति जलाकर, 
हमने यह गणतंत्र मनाया....


मेरी हर धड़कन भारत के लिए है...

4 comments:

  1. गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं
    ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥
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    ♥ महावीर बी. सेमलानी
    BLOG CHURCHAA MUNAA BHI KI
    हे! प्रभु यह तेरापन्थ
    मुम्बई-टाईगर
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  2. देश में कमर तोड़ महंगाई हो और हम राजपथ पर करोडो रूपये खर्च कर गणतंत्र दिवस मन रहे है क्या राष्ट्र ध्वज को फहराकर जय हिंद के नारे के साथ सादे समारोह से गणतंत्र दिवस नहीं मन सकता इस वर्ष इस धन का उपयोग अनाज और चीनी की व्यवस्था करने में होता तो बेहतर था राजपथ का महंगा प्रदर्शन अब बंद हो जाना चाहिए

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  3. बहुत बढ़िया!!

    गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएँ.

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  4. बिलकुल सीशी खरी बात । गनतंत्र दिवस की शुभकामनायें

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