मेरी हर धड़कन भारत के लिए है...

Sunday, 26 April 2009

एक और दुर्घटना

एक और दुखद घटना कि स्कूल बस और राज्य परिवहन की बस में टक्कर में चालक समेत १ बच्चा मरा। लखनऊ में फैजाबाद रोड पर एक स्कूल बस चालक की लापरवाही स्वयं उसकी जान तो लेकर ही गई और एक मासूम बच्चे दिव्यांश को भी जान से हाथ धोना पड़ा। देखने पर सरा सर गलती स्कूल बस वाले की ही लगती है पर अब वह अपनी बात बताने के लिए इस दुनिया में नहीं है तो किसी पर दोषारोपण करने की बजाय हम उन परिस्थितियों पर विचार करें कि आख़िर क्यों हम आज के समय सड़कों पर इतने असुरक्षित हो गए हैं ? परिवहन बस राज मार्ग पर थी और स्कूल बस उस पर आ रही थी, यह तो भला हो उस परिवहन बस चालक का जिसने अपनी तरफ़ से दुर्घटना टालने की पूरी कोशिश की जिसमें यह बस मार्ग विभाजक पर चढ़ गई वरना जिस दिशा में यह बस जा रही थी तो बहुत अनहोनी भी हो सकती थी। क्यों नहीं कोई ऐसा सिस्टम तैयार किया जा सकता है जो सभी चालकों की गहरी परीक्षा के बाद ही वाहन लेकर चलने की अनुमति दे ? कम से कम इस तरह की लापरवाही से होने वाली दुर्घटनाओं को तो हम जागरूक होकर कम ही कर सकते हैं। बस की दुर्घटना के समय जो मासूम अन्दर थे अब वे कितने दिनों तक बस में बैठने से डरते रहेंगें यह कोई नहीं बता सकता पर समय और सुरक्षा के कड़े नियम सभी चालकों पर लागू होने चाहिए इस बात पर सभी को एक मत होना ही होगा। हमें भी यह देखना चाहिए कि जो चालक बस चला रहा है उसके पास नियमित अनुमति है या उसे कहीं से भी पकड़ कर बस पकड़ा दी गई है ? आख़िर यह हमारी सुरक्षा का मामला है तो हम सभी को इस बारे में सोचना ही होगा। दिल्ली की हत्यारी बसों के बारे में बहुत कुछ कहा जाता है पर देश भर में कितने लोग इस अधाधुंध यातायात के करण काल के गाल में समां जाते हैं कोई नहीं जानता। हम सभी को अपने स्तर से ही सोचना होगा सरकार की तरफ़ हर बात के लिए ताकना भी बंद करना होगा, बस के चालकों के बारे में सचेत रहना होगा तभी हम और हमारे बच्चे सुरक्षित रह सकेंगें.
मेरी हर धड़कन भारत के लिए है...

2 comments:

  1. bilkul sahi kaha aapne lekin har bar durghatna apni galti se nahi hoti schet rehate hue bhi ho jati hai bus aur truck valon ko samjhaane ke liye koi muhim chalani padegi

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  2. बड़ा दुखद समाचार है .दुर्घटना के कारणों की जांच कर अपराधी को दण्डित किया जाना चाहिए.

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