मेरी हर धड़कन भारत के लिए है...

Monday, 22 June 2009

साइना की जीत के मायने




देश में जिस तरह से क्रिकेट के लिए दीवानगी रहती है उसमें बहुत सारी अन्य खेल खबरें छुप सी जाती हैं पर आज साइना ने देश को वो खुशी दी है जो कभी सानिया मिर्जा ने दी थी किसी प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में व्यक्तिगत स्पर्धा में जीतना बहुत महत्वपूर्ण होता है । आज के युग में जब भारत में क्रिकेट हर एक खेल को ख़त्म किए दे रहा है तो इस तरह की खबरें बहुत शान्ति देती हैं। मैं किसी भी स्तर पर किसी भी खेल के खिलाफ नहीं हूँ पर एक खेल जिसमें देश की तरफ़ से केवल ११ लोगों को मौका मिलता है पूरा देश उसके पीछ पागल हुआ जा रहा है। घर के बच्चे से इतनी गर्मी में शाम को भी कह के देखिये कि बेटा कोई सामान ला दे देखिये क्या जवाब मिलता है पर यही नौनिहाल पूरी दोपहर किसी गली कूचे में बल्ला लिए कुछ लड़कों के साथ क्रिकेट खेलते दिख जायेंगें।
पहले शतरंज, टेनिस, कुश्ती और अब बैडमिन्टन में जिस तरह से भारतीय खिलाड़ी अपना प्रदर्शन दिखा रहे हैं वह सुकून देता है। आज सरकार को इस तरह की व्यक्तिगत स्पर्धाओं में भी पूरा ध्यान देना चाहिए, बेहतर हो कि इनके लिए कोई नियामक संस्था भी हो क्योंकि सरकार कब तक हर बात को देखती रहेगी ? सरकार का निर्णय तो होना चाहिए उसके पास ताक़त भी होनी चाहिए पर वह ऊर्जा देश के भविष्य को संवारने में लगायी जानी चाहिए। देश में कुछ ऐसे संस्थान ज़रूर होने चाहिए जो दूर दराज़ के उभरते खिलाड़ियों को भी राष्ट्रीय/ अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खेलने का अवसर दे सकें। इतनी गर्मी में जब सभी मानसून की बातें कर रहे हैं और हमारी क्रिकेट टीम भी फिलहाल मानसून की तरह धोखा दे गई लगती है तो साइना की यह जीत फुहार बनकर मन को शांत तो अवश्य ही कर रही है..
मेरी हर धड़कन भारत के लिए है...

5 comments:

  1. जीत तो जीत है ...

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  2. शाईनी की जीत तपते हिन्दूस्तान के लिए बरसात की शीतल बौछारों सी है।

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  3. huzoor baat to apki sahi hai...

    ..saath hi ye bhi jodna chahoonga ki....

    desh main ye azoobe kabhi kabhi hote hain...

    aur ye kabhi kabhi bhi kabhi kabhi aata hai !!

    lekin hamesha asfaltaoon ki garmi main safalta ke taaze jhonke ki tarah !!

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  4. bahut achhcha likha hai aapne....

    ab aapki agli post ka intjar hai...

    mere blog par bhi kabhi jane ki kripa kare...

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