मेरी हर धड़कन भारत के लिए है...

Sunday, 13 September 2009

महिला सुरक्षा...

अभी दो दिन पहले ही लखनऊ से सीतापुर आकर पढ़ने वाली बी टी सी शिक्षिका आराधना की जिस तरह स्कूल जाते समय दुराचार के बाद हत्या कर दी गई वह समाज में महिला सुरक्षा, पुरूष मानसिकता, सरकारी उदासीनता की तरफ़ ही इशारा करती है। उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश में विशिष्ट बी टी सी के शिक्षकों की नियुक्ति हो रही है जिसमें दूर दराज के लड़के/लड़कियां भी नौकरी करने के लिए अपने घर को छोड़ कर आए हुए हैं। जैसा कि सभी जानते हैं कि गाँवों में जाकर कोई भी पढाना नहीं चाहता फिर भी पता नहीं क्यों सरकारें इन बातों पर ध्यान नहीं देना चाहती हैं ? अच्छा हो कि गाँवों में ही संभ्रांत लोगों और समाज के सभी वर्गों के लोगों को जोड़कर एक समिति बना दी जाए जो गाँव से जुड़ी हर बात पर ध्यान रखे पर यह समिति पूरी तरह से गैर राजनैतिक भी होनी चाहिए वरना नेताओं का असर गांवों में आज ही कुछ नहीं होने देता तो बाद में कुछ भी कैसे होने देगा ? गाँव में बैठकर वहां की समस्या को अच्छे से समझा जा सकता है न कि प्रदेश की राजधानी दिल्ली से ? देश में पंचायती राज की बातें तो खूब की जाती हैं पर जब भी सही तरह से इस पर अमल की बात होती है तो सारे ही पीछे खिसकने लगते हैं। एक अकेली महिला किस तरह से दूर दराज के गाँवों तक अकेले जाकर अपना काम ठीक से कर सकती है जब उसके सामने अपनी इज्ज़त और जान बचाने का प्रश्न ही खड़ा हो जाए ? यह भी सही है कि कोई भी सरकार हर जगह सुरक्षा का आवरण नहीं प्रदान कर सकती है पर सरकार इतना तो कर ही सकती है कि कानून की धमक बनी रहे और अपराधी कुछ करने से पहले डरना भी सीखें। महिलाओं की नियुक्ति करते समय इस बार का भी ध्यान रखा जाना चाहिए कि उनके आने जाने और सुरक्षा की समस्या तो नहीं आने वाली है ? साथ ही पुरुषों को भी महिला को केवल भोग की वस्तु समझने की मानसिकता से बाहर आना ही होगा तभी महिलाएं समाज में सुरक्षित हो पाएंगीं। साथ ही महिलाओं को अपने साथ घटने वाली किसी भी घटना को चुप चाप सहने की आदत से भी बाहर निकलने की कोशिश करनी होगी क्योंकि जब कोई महिला इस तरह के अत्याचार का विरोध नहीं करती तो असामाजिक तत्व इसे उनकी सहमति मान कर आगे बढ़ने की कोशिश करते हैं । फिल हाल अर्चना के मासूम बच्चों को कोई भी यह उत्तर नहीं दे पायेगा कि उनकी माँ की क्या खता थी जिसके कारण बच्चों के सर से माँ का साया ही उठ गया ?

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