मेरी हर धड़कन भारत के लिए है...

Friday, 2 October 2009

बापू हम कब सुधरेंगें ?


बापू आज फिर से हम ढोंग कर रहे हैं तुम्हारे गीत बेशर्मी के साथ गाये जायेंगें हम कुछ भी कर ले पर तुम्हारी जयंती का ढोंग करना कभी नहीं भूलते आख़िर हमें भी तो दुनिया को अपना मुंह दिखाना होता है कि हम ने अपने राष्ट्रपिता को बहुत अच्छे से याद कर रखा है। वे हमारे तन मन में बसते हैं... हमने घूसखोरी तक में तुम्हारे नाम का इस्तेमाल कर लिया है अब कोई नहीं कह सकता कि बापू हमने तुम्हें अपने से अलग कर दिया है.... घूस के पैसों के बारे में बात करते समय हम हरे या लाल वाले गांधीजी की बातें करते हैं पहले केवल यह कहा जाता था कि हरे नोट दिखा देना पर अब यह जुमला पुराना हो गया है आख़िर बापू तुम हमारे प्राण हो न जब अच्छे में तुम्हें नहीं भूलते तो घूस लेने में कैसे भूल जायें ? बापू अब तुम चाहे जो कह लो पर हम तो तुम्हें नोट पर ही प्रणाम कर लेते हैं कि कहीं तुम नाराज़ न हो जाओ और कहीं कोई भ्रष्टाचार निवारण वाला आकर तुम्हे मुझसे बाँट न ले ? पर बापू क्या करें ये दिल है कि मानता नहीं ? तुमसे इतना प्रेम है कि हमेशा ये दिल मांगे मोर ? अब बापू तुम्हें हमारा दिल मोर नहीं कहेगा तो क्या अंग्रेजों का कहेगा जिनको तुमने बड़ी बेदर्दी से देश से निकाल दिया था ? बापू मुझे न तुमसे बहुत शिकायत है तुम पता नहीं क्यों आज़ादी लेने में जल्दबाजी कर गए ? अरे उन गोरों को देश में कुछ और मूलभूत सुविधाएँ जुटाने देते भले ही हम उन विदेशियों के चाबुक झेलते रहते पर इन देशी अंग्रेजों से तो बच पाना भी मुश्किल है ? वे मारते तो थे पर कुछ काम भी करते थे पर ये उनका देशी संस्करण न तो काम करता है और न जीने देता है ? अब बापू तुमसे क्या छिपा है क्या क्या बताएं अच्छा हुआ जो तुम देश से जल्दी ही कूच कर गए वरना हम तो शायद तुम्हें उपहास का पात्र बनाने में भी नहीं चूकते ? बापू वो दत्त साहब का बेटा जो बंदूकों के चक्कर में अन्दर हो चुका है मैं उसका धन्यवाद देता हूँ कम से कम उसने आज के बदन उघाडू सिनेमा में तुम्हारे नाम और विचार वाली फिल्म में काम करने का रिस्क लिया। उसका धन्यवाद तो तुम भी कर ही दो बापू वरना लोग कहेंगें कि उसे अधनंगे फकीर बापू के बारे में बातें करके संजू बाबा को क्या मिला ? जेल ? बापू अगर अंधी बहरी सरकारें तुम्हारी सुनती हों तब भी उनसे कुछ मत कहना प्लीज़ !!! क्योंकि इन्हें तो तुम्हारी उपेक्षा करने की आदत हो चुकी है पर मेरे जैसे कुछ पागल यह बर्दाश्त नहीं कर पाएंगे कि देश की सरकारें बापू की भी नहीं सुनती हैं ..... बस बापू आज के दिन चुप चाप अपनी जयंती मनवाकर अलमारी में चले जाया करो वरना कहीं अधिकार जमाने के चक्कर में तुम्हारा आज के दिन का भी अधिकार जाता रहे..... हे बापू सुन तो रहे हो ? कुछ कह क्यों नहीं रहे ? चिंता मत करो मुझे वोट नहीं चाहिए न इसलिए मेरी इन बातों से मेरी जान को कोई खतरा नहीं है ..... बस तुम अब सब सुन कर भी कुछ मत बोला करो बापू तुम्हें न बा की कसम है .......


मेरी हर धड़कन भारत के लिए है...

3 comments:

  1. सही बात है डा. साहब हम हर जगह बापू का नाम लेकर चोरी कर रहे है

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  2. बापू को बा की कसम ...कमाल है ...गाँधी तो बिनमोल ही बिके ...पर उनके नाम पर चेले चपाटों ने खूब कमाया ..ये कभी नहीं सुधरेंगे ..!!

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  3. चलिए बापू न सही
    उनके नाम से धंधे भी चल रहे हैं
    और जनता को अंधा भी बनाया जा रहा है
    नोट रंग अदल बदल कर
    नकली का भी खूब रूतबा है
    कसम न खिलाओ चाहे
    फिर भी पेट भर रहा है
    जिसने तरसना है
    वो तो खूब तरस रहा है
    जिस पर बरसना है
    वो बरस रहा है।

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