मेरी हर धड़कन भारत के लिए है...

Thursday, 11 February 2010

साथ तुम्हाराअच्छा है............

जीवन की सांसे तुमसे हैं,
जीने की राहें तुमसे हैं.
हाथ तुम्हारा साथ हमारे,
साथ तुम्हारा अच्छा है ....

दुर्बल होती श्रम शक्ति में,

मीरा की पवन भक्ति  में .
सब कुछ खींचता पास हमारे,

साथ तुम्हारा अच्छा है...

मन की गांठें खुल जाने में,
नयी ग्रंथि फिर पड़ जाने में.
जीवन मुक्त अभी होने में,
साथ तुम्हारा अच्छा है...


गर्मी में पीपल सी छाया ,
शीतल जल जब फिर से पाया.

मन को ठंडक मिल जाने तक,

साथ तुम्हारा अच्छा है ....


कोई  मिलता है जब फिर से,
दिल डरता है मेरा  फिर से.
फिर से मुसका कर ये कह दूं,
साथ तुम्हाराअच्छा है........


मेरी हर धड़कन भारत के लिए है...

2 comments:

  1. बहुत सुंदर और उत्तम भाव लिए हुए.... खूबसूरत रचना......

    Sanjay kumar
    http://sanjaybhaskar.blogspot.com

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  2. ग़ज़ब की कविता ... कोई बार सोचता हूँ इतना अच्छा कैसे लिखा जाता है .

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