मेरी हर धड़कन भारत के लिए है...

Tuesday, 9 March 2010

अब महानगर निशाने पर...

सोमवार को गृह मंत्रालय की तरफ से जारी ताज़ा अलर्ट में कहा गया है कि देश के महानगर अभी भी आतंकियों के  निशाने पर हैं. यह सही है कि आतंकियों ने कुछ छोटे शहरों की तरफ अपना रुख करके यह साबित करने का प्रयास तो किया ही है कि लोगों का ध्यान बड़े शहरों से हट जाये और वे किसी भी समय वहां पर बड़ा धमाका कर सकें. यहाँ पर सवाल छोटे बड़े शहरों का नहीं है वरन जनता के जागरूक होने का है आज भी हम भीड़ तंत्र का हिस्सा हैं , भ्रष्टाचार ने हमें बुनियादी बातों से बहुत दूर कर दिया है. कहीं पर भी पैसा खिलाकर कोई भी काम कराया जा सकता है ईमानदार अधिकारी अपनी जान बचने में ही लगे हुए हैं क्योंकि जब पूरा तंत्र ही ख़राब हो चुका है तो कोई अकेला उसी तंत्र का हिस्सा बनकर किस तरह से विरोध कर सकता है ?
      देश जनता से है और हम जनता के लोग अभी तक यह नहीं समझ पाए हैं कि हर बात के लिए इतने विशाल देश में सरकार की तरफ ताकना कितना घातक हो सकता है. पुलिस तंत्र के बारे में कुछ भी कहना बेकार है क्योंकि जितने कम वेतन में वे जितना काम कर देते हैं वह ही देश पर एहसान है. हम हमेशा छूटते ही पुलिस को भ्रष्ट बताकर अपना पल्लू छुड़ाना चाहते हैं पर जब हमको खुद पासपोर्ट बनवाना होता है तो खुद ही खुश होकर भ्रष्टाचार को सिर्फ इसलिए बढ़ावा देते हैं कि काम जल्दी से हो जाये. जब देश का वास्तविक नागरिक अपनी पहचान के लिए भी पैसे देने में कुछ गलत नहीं समझता तो एक दिन कोई पाकिस्तानी या बांग्लादेशी भी केवल पैसे के दम पर अपने राशन कार्ड, फोटो पहचान पत्र और पासपोर्ट भी बनवाने में कैसे न सफल हो जाये ?
     देश में हर तरफ खतरा है और इस खतरे को केवल जागरूक नागरिक ही कम कर सकता है. मत सोचिये कि सुरक्षा के लिए अन्य तंत्र हैं ? केवल अपने आस पास के माहौल पर ध्यान देना शुरू कर दें क्योंकि अगर आपके शहर या मोहल्ले में कोई आतंकी छुपा है तो एक दिन पूरा मोहल्ला बदनाम होगा और कभी भी वे अपने काम के तहत कोई कारनामा कर सकते हैं जिसमें मरने वाले और घायल होने वाले स्थानीय लोग ही होंगे. अब भी समय है कि हम सभी चेत जाएँ और अपने को सुरक्षित करने के प्रयास शुरू कर दें. मोहल्ले या पास पड़ोस में नए अजनबी संदिग्ध चेहरों को पहचानना सीखें जिससे उनकी गतिविधियाँ हमारी नज़रों से बच न जाये और कहीं वे हमें कभी भी न भरने वाला कोई ज़ख्म देकर फिर से न निकल जाएँ.

मेरी हर धड़कन भारत के लिए है...

1 comment:

  1. आम जन को जागरुक होने की जरुरत है...

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