मेरी हर धड़कन भारत के लिए है...

Monday, 4 October 2010

हाशिम अंसारी का प्रयास

९० साल के बूढ़े या ऊर्जा से भरे हुए, कुछ करने की चाह में युवाओं की तरह जिंदादिल हाशिम अंसारी जो कि अयोध्या में भूमि विवाद के न्यायालय में मुख्य पैरोकार थे ने अयोध्या में अखिल भारतीय अखाडा परिषद् के महंत ज्ञान दास से मुलाक़ात की. उन्होंने बाद में पत्रकारों को बताया कि कोर्ट में जो भी होना था हो चुका है और अब वे महंत जी से इस मामले में मध्यस्थता और सुलह समझौते के लिए बात करने के लिए आये है. सबसे महत्वपूर्ण बात जो उन्होंने कही कि वे यहाँ पर सुन्नी वक्फ बोर्ड की सहमति से आये हैं और महंत ज्ञानदास से दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थ का काम करने के लिए बात करना चाहते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि वे किसी भी बाहर वाले को यहाँ की शांति के साथ खिलवाड़ नहीं करने देंगें और अब यह सही समय है कि हम सभी आपस में बैठकर इस मसले का कोई स्थायी और पक्का समाधान निकलने का प्रयास करें.
              इस तरह के प्रयासों से यही लगता है कि अब अयोध्या ने आगे इस मुद्दे पर फिर से सहमे रहने की नियति से आगे बढ़ने के बारे में सोच लिया है. आज अगर मुक़दमें के मुख्य पैरोकार स्थानीय स्तर पर कोई फैसला चाहते हैं तो उन्हें इस बात  का पूरा अवसर दिया जाना चाहिए. वैसे भी इस मामले की संवेदन शीलता को देखते हुए सभी पक्षों के अब ठोस प्रस्ताव और गंभीरता का परिचय देने की आवश्यकता है. पूरा मामला जिस तरह से सारी दुनिया के सामने आया है उससे लोगों को यही लगता है कि भारत में कानून व्यवस्था की बहुत बड़ी समस्या है पर इस बार पूरे देश ने जिस दृढ़ता के साथ एक रहते हुए हर संकट में खड़े रहने का सन्देश दिया है उससे बहुत सारे नेताओं के हाथों के तोते उड़ गए हैं ? क्योंकि नेताओं को यह मुद्दा बहुत रास आता है इसके माध्यम से वे सनसनी फैला कर कुछ भी करने के लिए आगे आ जाया करते  थे पर अब दोनों पक्ष जिस तरह से कुछ विश्वास के साथ काम करना चाहते हैं वह इन नेताओं के लिए खतरे की घंटी और देश के लिए बहुत ही शुभ सन्देश है.
         यह तो तय ही है कि कहीं न कहें से कोई न कोई तो सर्वोच्च न्यायलय जायेगा ही पर उस से पहले जो तीन महीने देश के पास हैं इस पर विचार करने के लिए उसको देखते हुए अगर सभी पक्ष यदि चेत जाएँ तो पूरा मामला आसानी से निपटाया जा सकता है . फिलहाल तारीफ़ करने होगी हाशिम अंसारी जैसे लोगों की जो आज भी पूरी ऊर्जा के साथ इस मसले पर काम करने को तैयार हैं.     

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