मेरी हर धड़कन भारत के लिए है...

Friday, 31 December 2010

साल कोई फिर ऐसा आये

उगता सूरज, खिलती धरती, नीला अम्बर फिर मुस्काए !
जीवन बने सरल हम सबका,  साल कोई फिर ऐसा आये !!

हार जाएँ अब ये आतंकी, अमन चैन जब पंख पसारे !
हों राहें खुशहाल हमारी,  साल कोई फिर ऐसा आये !!

धरती उगले फिर से सोना, फसल खेत में फिर लहराए !
भूखे पेट कोई न सोये,  साल कोई फिर ऐसा आये !!

भ्रष्टाचार दूर हो जाए, जन मन फिर कर्मठ बन जाए !
नेता सच्चे बने हमारे,  साल कोई फिर ऐसा आये !!

अत्याचार ख़त्म हो सारा, कन्या भ्रूण सभी बच जाएँ !
पुरुष संग चलती हो नारी,  साल कोई फिर ऐसा आये !!

दे पुकार रांझा जब दिल से, हीर दूर से दौड़ी आये !
होने लगे प्यार की बारिश,  साल कोई फिर ऐसा आये !!   

मेरी हर धड़कन भारत के लिए है...

4 comments:

  1. नूतन वर्ष के अवसर पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं .....

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  2. सुन्दर कविता...उगता सूरज, खिलती धरती, नीला अम्बर फिर मुस्काए !
    जीवन बने सरल हम सबका, साल कोई फिर ऐसा आये !
    नववर्ष की शुभकामनायें...

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  3. Kya Baat Hai
    A.Rastogi

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