मेरी हर धड़कन भारत के लिए है...

Friday, 21 January 2011

नंबर पोर्टेबिलिटी

             मोबाइल नंबर बदलने की जिस सुविधा की बहुत बड़ी बड़ी बातें अभी तक की जा रही थीं आज से पूरे देश में यह एक हकीकत बन गयी है. यह सही है कि पुराना नंबर होने के कारण बहुत सारे उपभोक्ता अभी तक अपने नंबर को बदलने के बारे में सोचना भी नहीं चाहते थे क्योंकि इससे उनके पुराने लोगों को फिर से यह नम्बर बताने पड़ते ? अब जब केवल १९ रूपये के खर्चे पर यह सुविधा सभी को मिलने लगेगी कि वे अपने सेवा प्रदाता को आसानी से बदल सकते हैं तो इसका पूरा असर इन सेवा प्रदाताओं पर ही पड़ने वाला है. कुछ भी हो इससे सभी सेवा प्रदाताओं पर अच्छी सेवा देने के लिए एक दबाव तो अवश्य ही बन जायेगा और उपभोक्ताओं को अच्छी सेवा मिलने की सम्भावना भी बढ़ जाएगी.
            इसके लाभ के बारे में तो सभी बातें कर रहे हैं पर जब कहीं से भी इससे होने वाले नुकसान की बातें न की जा रही हों तो ऐसा ऐसा लगता है कि कहीं न कहीं से उपभोक्ताओं से पूरी बात छिपाई जा रही है. जिस तरह से हर कम्पनी से उपभोक्ता परेशान हैं उसको देखते हुए यह लगता है कि जिस इलाके में जो कम्पनी अच्छे से चल रही होगी बड़ी समस्या उसके लिए ही आने वाली है क्योंकि अगर बहुत बड़ी संख्या में उपभोक्ता इधर उधर होते हैं तो क्या अच्छा प्रदर्शन करने वाली कम्पनी इतनी जल्दी अपने नेटवर्क को सुधार कर कुछ कर पायेगी ? शायद यह सब कहना अभी जल्द बाज़ी होगी पर इस तरह की समस्या सामने आ तो सकती है ? कुछ उपभोक्ताओं के जाने से कुछ फर्क नहीं पड़ने वाला है पर अधिक संख्या में विस्थापन होने से कोई भी नेटवर्क ध्वस्त हो सकता है.
            वैसे कुछ भी यह अच्छा समय है उन उपभोक्ताओं के लिए जो मजबूरी वश अपने को किसी सेवा प्रदाता के साथ जोड़ कर रखा है उनके लिए भी अच्छा समय आने वाला है क्योंकि अब उनके लिए चुनने के लिए विकल्प मौजूद हैं और उनका उपयोग करके अब वे अपनी परेशानियों से मुक्त हो जायेंगें. फिर भी जिस तरह से भारत में मोबाइल उपभोक्ताओं की संख्या बढती जा रही है उसको देखते हुए अब मोबाइल कम्पनियों के लिए उपभोक्ताओं की अनदेखी करना आसान नहीं रह जायेगा. देश में जिस तेज़ी से मोबाइल का बाज़ार बाधा है उससे बहुत बड़ा परिवर्तन भी आया है और आने वाले समय में गुणवत्ता परक सेवाओं से इस क्षेत्र में और भी तेज़ी के आसार हैं.   
मेरी हर धड़कन भारत के लिए है...

2 comments:

  1. bilkul sahi bate
    ...
    mere blog par
    "jharna"
    kabhi yha bhi aaye

    ReplyDelete
  2. कुछ कर लीजिये कटनी जेब उपभोक्ता की ही है..

    ReplyDelete