मेरी हर धड़कन भारत के लिए है...

Saturday, 6 November 2010

सुरक्षा या दहशत ?

शुक्रवार की रात को जब पूरा देश दीपावली की पूर्व संध्या मनाकर सोने की तैयारी कर रहा था तो कश्मीर घाटी के एक गाँव में एकदम से दहशत फ़ैल गयी. अनंतनाग जिले के हतमुरा गाँव में रात के समय फौजी कपड़े पहने कुछ लोगों ने आकर दरवाजे खटखटा कर लोगों को बहार निकलने के लिए कहा, पर जिस तरह से उन लोगों ने लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया उससे लोग दहशत में आ गए और कुछ लोगों ने विरोध करना शुरू किया तो कुछ लोगों ने इकठ्ठा होकर चिल्लाना भी शुरू कर दिया. इससे पहले एक और गाँव में इसी तरह की घटना हो चुकी है. उल्लेखनीय है की यह दोनों ही गाँव सिख बाहुल्य हैं जिससे वहां के सिख समुदाय में भय का माहौल व्याप्त हो गया है.
       ग्रामीणों कि प्रतिक्रिया के बाद ये लोग अपनी जीप भी छोड़कर भाग गए जिसे आक्रोशित ग्रामीणों ने जला भी दिया. बाद में सुरक्षा बलों ने गाँव में जाकर लोगों को समझाने का प्रयास किया. पूरी घटना में यह पता चला कि किसी संदिग्ध को ढूँढने के लिए ये लोग गाँव में गए थे पर उन्होंने जिस तरह से बर्ताव किया उससे पूरे माहौल में भय व्याप्त हो गया. इस गाँव के निवासियों का यह कहना है कि ऐसी ही एक घटना बुधवार कि रात भी हुई थी जिसके बारे में राज्य के मुख्य मंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री को पत्र लिखे जा चुके हैं. सुरक्षा बलों का कहना है कि एक गश्ती दल को लोगों ने ग़लत समझ लिया जिससे यह पूरा घटनाक्रम हुआ. अब लोगों को इस बारे में पूरी तरह से सही बात समझा दी गयी है.
    सवाल यहाँ पर यह है कि जब सुरक्षा बल के लोग या जम्मू कश्मीर पुलिस की कोई टुकड़ी इस इलाके में थी तो वह इस तरह का भय फ़ैलाने का काम क्यों कर रही थी ? पूरी घाटी में जिस तरह की व्यवस्था लागू है उसको देखते हुए क्या गाँव में कोई ऐसा सूत्र पुलिस के पास नहीं था जिससे मिलकर वह स्थिति को तुरंत साफ़ कर सकती ? हो सकता है कि कोई अपराधी हो जिसे तलाश करते हुए पुलिस वहाँ पर गयी हो और यह सूचना आम लोगों को देने लायक न समझी गयी हो. जिस पर लोगों ने संगठित होकर पुलिस का विरोध किया हो ? इस पूरे मसले में सच सामने आना चाहिए जिससे घाटी के सिखों की सुरक्षा इसी ग़लतफ़हमी के कारण खतरे में न पड़ जाए ? इस समय ओबामा की भारत यात्रा के चलते आतंकी कुछ न कुछ करने की कोशिश में हैं और किसी भी तरह के ग़लतफ़हमी वाले माहौल में उनके लिए कोई घटना करके निकल जाना आसान होगा.    

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1 comment:

  1. जम्मू कश्मीर में अब सिखों की बारी है..

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