मेरी हर धड़कन भारत के लिए है...

सोमवार, 11 अप्रैल 2011

घूस का तंत्र

                आई टी की दिग्गज कम्पनी इन्फोसिस के मानव संसाधन अधिकारी टी वी मोहनदास पाई ने यह कहकर देश में चल रहे भ्रष्टाचार पर और चोट की है कि सरकारी तंत्र में कुछ लोग इस हद तक मज़बूत हैं कि उनको घूस नहीं देने पर काम तो होगा ही नहीं और आपकी मेहनत से बनाई गयी फाइल भी गायब कर दी जाएगी. यह सभी जानते हैं कि देश में भ्रष्टाचार अपने चरम पर पहुंचा हुआ है और इसके सहारे पता नहीं कितने ग़लत काम भी होते रहते हैं जो नियमतः नहीं कराये जा सकते हैं. बकौल पाई उनसे भी काम करने के एवज में घूस मांगी गयी जो उन्होंने नहीं दी और मामले को मुख्य सचिव के स्तर तक पहुँचाने का प्रयास किया जिसके बाद माहौल बदला और काम करने में आसानी होने लगी. उत्तर भारत का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कम्पनी की हर परियोजना को मंज़ूरी बिना एक भी पैसा दिए हुए मिली हुई है और हम अपने काम को कर रहे हैं. यह सभी जानते हैं कि आज बहुत छोटे स्तर से लेकर ऊपर तक बेशर्मी से पैसा मांगने में लोग लगे हुए हैं और आम जनता या अन्य कम्पनियां बार बार इन अधिकारियों के यहाँ चक्कर लगाने की जगह कुछ पैसा फेंककर अपना काम कराने में लगे हुए हैं जिस कारण से भी घूस मांगने वालों की हिम्मत बढ़ जाती है.
      अब आवश्यकता है कि हम नियमों के अनुसार काम करने सीख लें क्योंकि जब हमारी तरफ से कोई कमी नहीं होगी तो अनुमति देने वाले अधिकारी या कर्मचारियों के पास हमारे काम को अनुमति देने के स्थान पर कोई विकल्प नहीं बचेगा जिससे नियमानुसार काम करने की आदत डाल सकेंगें और हमारा काम भी बिना घूस दिए होने लगेगा. आज जिस तरह से देश में भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ माहौल बन रहा है उससे तो यही लगता है कि आने वाले समय में देश से भ्रष्टाचार काफ़ी हद तक दूर हो जायेगा अब यह हम नागरिकों पर निर्भर करता है कि हम घूसखोरों को समर्थन देना कब बंद करते हैं ? पाई के इस बयान पर जिस तरह से भाजपा के प्रवक्ता शाहनवाज़ हुसैन ने प्रतिक्रिया दी है उससे लगता है कि भाजपा शासित राज्यों में इन्फोसिस के साथ ज़रूर कुछ हुआ है वरना पाई ने बिना नाम लिए ही ऐसी बात कहीं थी और पूरे भारत में भ्रष्टाचार को देखते हुए वह ग़लत भी नहीं कह रहे हैं पर पता नहीं क्यों भाजपा को इसमें क्या बुरा लगा और वे सबूतों की मांग करने लगे ? क्या घूस लेने वाला कोई रसीद भी देता है जिसे दिखाकर यह सिद्ध किया जा सके कि किसी काम के लिए घूस दी गयी ? भाजपा को इस तरह की बचकानी बातें करने और अपने अधिकारियों को बचाने के स्थान पर इन काली भेड़ों को तलाश करना चाहिए क्योंकि जब भी ऐसे लोगों के नाम सामने आयेंगें तब भाजपा के लिए असहज स्थिति उत्पन्न हो जाएगी ?
           आज आवश्यकता है कि सभी मिलकर भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ एक जुट हो जाएँ जिससे भ्रष्टाचारियों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्यवाही होने का रास्ता साफ़ हो सके किसी को भी यह हक़ नहीं है कि वह इस अभियान के लिए कुछ खुलासे करने वालों पर ही ऊँगली उठाने लगें ? अब समय है कि देश में जो माहौल बन रहा है उसका लाभ उठाया जाये न कि उसकी भावना को चोट पहुंचकर उस आवाज़ को दबाने का प्रयास किया जाए ? अब यह तय करना हम नागरिकों पर ही है कि हम किस हद तक अपनी इस लड़ाई को आगे ले जाना चाहते हैं क्योंकि अब यह लड़ाई देश के आम नागरिक की हो चुकी है और इसके मार्ग को रोकने के कोई भी प्रयास अब नहीं चलने वाले हैं साथ ही किसी भी स्तर पर इसका समर्थन करने वाले लोग भी जनता के सामने आने वाले हैं..


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