मेरी हर धड़कन भारत के लिए है...

Saturday, 7 November 2009

क्या चाहते हैं ये नेता ?

अब बारी मध्य प्रदेश की है आख़िर ये नेता क्यों नहीं समझ पाते हैं कि देश में इस तरह की बातों का कोई स्थान नहीं है। शिवराज सिंह के एक बयान ने क्षेत्रवाद को एक बार फिर से हवा दे दी है। कोई भी किसी तरह के बयान देने के लिए भारत में स्वतंत्र है पर जब ये बयान किसी स्तर पर समाज में अलगाव के बीज बोने लगें तो चिंता होने लगती है। उमा भारती को हटाने के बाद मध्य प्रदेश में जिस तरह से भाजपा नीचे जा रही थी उसे शिवराज ने बहुत अच्छे से ऊपर उठाया अब शायद उनको यही सफलता बैठने नहीं दे रही है ? एक कुशल प्रशासक के रूप में उन्होंने प्रदेश की बहुत सारी समस्याओं का निदान भी किया है पर इतना अच्छा काम करने वाला व्यक्ति किस मजबूरी में इतने ओछे बयान दे देता है यह समझ से परे है। फिलहाल झारखण्ड और बिहार के आगामी चुनावों को देखते हुए भाजपा के लिए ऐसे बयान मुश्किल करने वाले ही साबित होने वाले हैं। कोई भी उद्योगपति बाहर से कामगारों को बुला कर काम नहीं करवाना चाहता है फिर भी स्थानीय स्तर पर जब उसे कामगार नहीं मिलते तभी वह दूसरे स्थान से आए हुए लोगों को काम देता है। हर प्रदेश को चाहिए कि स्थानीय लोगों को हर तरह के काम करने की शिक्षा दी जाए और यह काम उद्योगपति नहीं कर सकते हैं इसके लिए सरकार कि इच्छा शक्ति की ज़रूरत होती है। ज़रा बिहार और उत्तर प्रदेश के लोगों के बिना देश के महानगरों के जन जीवन की कल्पना करके देखिये ? कितनी चीज़ें ऐसी हैं जिन्हें स्थानीय लोग करना ही नहीं चाहते और ये दूर देश आए परदेसी वे सारे काम बखूबी संभाल लेते हैं। हाँ साथ ही एक बात और है कि इन लोगों के साथ कुछ अपराधी तत्व भी पलायन करके आ जाते हैं और तरह तरह के अपराधों में शामिल होने लगते है। जब कभी केस खुलता है तो पता चलता है कि अमुक व्यक्ति अमुक प्रदेश का है तो उस प्रदेश की छवि ख़राब होती है। देश को मिल कर चलने की आदत है पर ये नेता पता नहीं किस तरह से सोच जाते हैं कि उन्हें याद ही नहीं रहता कि कैसे इस देश का विकास हो सकता है। मैं इस बात का विरोधी नहीं कि स्थानीय लोगों को राजगार मिले पर केवल स्थानीय लोगों को रोज़गार देने के चक्कर में सरकार तो पैसे लुटा सकती है पर कोई उद्योगपति नहीं। इसलिए अच्छा हो कि रोज़गार परक शिक्षा को बढ़ावा दिया जाए जिससे सभी हाथों को काम मिल सके और इस तरह के घटिया और सनसनी फैलाने वाले बयानों से देश को मुक्ति मिल सके।

मेरी हर धड़कन भारत के लिए है...

3 comments:

  1. ये क्या कह दिया शिवराज जी आपने!
    अब एम् पी वाले बिहार में ढूंढ-ढूंढ कर पीटे जायेंगे.

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  2. खरबूजे को देखकर खरबूजा रंग बदलता है ...कुछ गुनाह तो उन्हें भी कर लेने दीजिये ..!!

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  3. pahale bayan diya...mamala tool pakada to bayan se muakar gaye... vaise raj thakare ko es rajya vidhansabha chunav meli saflata ke bad kaee neta unake peeche chalane ko soch rahe hai...
    brijesh dwivedi

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