मेरी हर धड़कन भारत के लिए है...

Tuesday, 22 January 2013

देशव्यापी महिला हेल्पलाइन १८१

                              संचार मंत्री कपिल सिब्बल ने केंद्र सरकार की इस मंशा को सभी राज्यों से अवगत करा दिया है कि दूर संचार विभाग द्वारा सभी राज्यों को १८१ नंबर महिला हेल्पलाइन के रूप में उपलब्ध करा दिया जायेगा जिससे देश के किसी भी हिस्से में आने जाने पर महिलाओं को राज्यों के हिसाब से यह नम्बर याद करने में परेशानी न हो और आवश्यकता पड़ने पर वे कहीं से भी इस नम्बर के माध्यम से समय पर सहायता पा सकें. यह सही है कि आज के समय इस तरह की संचार सेवाओं की बहुत आवश्यकता है जो किसी भी स्थान पर महिलाओं को यह आसानी से सुलभ भी रहें और पूरी तरह से कारगर भी हों. अभी तक किसी बड़ी समस्या के सामने आने पर जिस तरह से उसके लिए बड़े स्तर पर प्रयास शुरू किये जाते हैं पर समय बीतने के साथ इन महत्वपूर्ण जगहों पर भी लापरवाहियाँ होने लगती हैं जिससे कई बार सही समय पर शिकायत करने के बाद भी समय से सहायता नहीं मिल पाती है. इस नए देशव्यापी नम्बर से जहाँ एक तरह महिलाओं को पुलिस, एम्बुलेंस और फायर सेवाओं की तरह यह याद करना आसान भी होगा वहीं देश के किसी भी कोने में यही नम्बर उनकी सहायता करने के लिए उपलब्ध भी रहेगा.
                      आज के युग में जब महिलाएं और लड़कियां उच्च तकनीकी से लैस मोबाइल फ़ोन का इस्तेमाल कर रही हैं तो तकनीकी आधार पर जीपीएस से लैस किसी मोबाइल को देर रात या अँधेरा होने के बाद सार्वजनिक स्थानों से गुज़रते यदि वे ऑन करके रखें तो किसी आपातस्थिति में उसके माध्यम से उन तक पहुंचना आसान भी हो जायेगा और उन्हें किसी भी तरह की सहायता भी तेज़ी से पहुंचाई जा सकेगी. आज के कामकाजी युग में जब महिलाओं के पास किसी भी समय काम करने की आज़ादी है तो उनकी सुरक्षा के बारे में भी सभी को मिलकर सोचना होगा क्योंकि समाज में घूम रहे घृणित मानसिकता के लोग कहीं पर भी किसी के साथ दुर्व्यवहार कर सकते हैं ? आज के समय में भी बहुत सारी ऐसी नेटवर्क आधारित सेवाएं हैं जिनके उपयोग से महिलाएं अपनी उपस्थिति को अपने परिवार और जानकारों के साथ शेयर कर सकती हैं जिससे किसी भी आपातकाल में उनके परिजनों को यह पता चलने में आसानी हो जाएगी कि वे किस स्थान पर हैं और जब यह जानकारी पहले से ही मिल जाएगी तो पुलिस का उन तक पहुंचना और भी आसान हो जायेगा. दिल्ली पुलिस ने अपनी १८१ सेवा के बारे में यह प्रचारित किया है कि उसमें कॉल करने वाले के स्थान की जानकारी उन्हें तुरंत मिल जाएगी जो कि अच्छा प्रयास है यह व्यवस्था पूरे देश में भी की जानी चाहिए.
                     इस तरह से अपनी स्थिति को साझा करने से कई बार कुछ लोग इसका दुरूपयोग भी कर सकते हैं और किसी महिला या लड़की के बारे में सही और सटीक जानकारी भी पा सकते हैं कि अब वह किस जगह से गुज़र रही है. इसलिए अपने मोबाइल में नेटवर्क या मोबाइल द्वारा दी जाने वाली सुविधा को केवल अपने परिवार या ऐसे लोगों के लिए ही खुला रखें जिनकी उन्हें आपातकाल में ज़रुरत पड़ सकती है क्योंकि अपने सभी परिचितों के साथ अपने स्थान को साझा करने से कई बार ख़तरा बढ़ भी सकता है. किसी भी तकनीक का इस्तेमाल करने से पहले उसके बारे में पूरी जानकारी भी हासिल कर लेनी चाहिए जिससे कोई भी किसी के द्वारा उठाई जा रही इस तरह की किसी भी सुविधा का दुरूपयोग न कर सके. आजकल जीपीएस आधारित अन्य छोटे उपकरण भी आ रहे हैं जिनके उपयोग से भी अपनी उपस्थिति के स्थान को दर्शाया जा सकता है पर एक आधुनिक फ़ोन के होते हुए इस तरह की किसी अन्य सेवा के लिए और खर्च करने की कोई आवश्यकता भी नहीं है फिर भी यदि कोई अपने लिए अलग से सुरक्षा चाहता है तो वह इस तरह से भी प्रयास कर सकता है. केवल पुलिस और सरकार के भरोसे रहकर कभी भी खुद को पूरी तरह से सुरक्षित नहीं किया जा सकता है इसलिए हमें खुद ही ऐसे प्रयास भी करने चाहिए जो हमें अच्छी तरह से सुरक्षित करने में सहायक हो सकें.    
मेरी हर धड़कन भारत के लिए है...

1 comment:

  1. बहुत सारी हैं, चलती कितनी हैं, ये बताईये.

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