मेरी हर धड़कन भारत के लिए है...

Saturday, 2 August 2014

जनरल सुहाग का बयान

                                                         सेनाध्यक्ष पद की ज़िम्मेदारी सँभालने और सलामी गारद लेने के बाद जिस तरह से जनरल दलबीर सिंह सुहाग से पत्रकारों से बात करते हुए पाकिस्तान की तरफ अपने सन्देश को भेजने में ज़रा भी देर नहीं की उससे यही लगता है कि आने वाले समय में किसी भी संघर्ष जैसी या छिपकर वार किये जाने की स्थिति में भारतीय सेना की तरफ से भी कड़ा प्रतिरोध किया जायेगा. ऐसा नहीं है कि पहले ऐसा नहीं किया जाता रहा है पर राजनैतिक कारणों से अब केंद्र में सत्ता संभाल रही भाजपा इस मसले को इस तरह से जनता के सामने ले जाया करती थी जैसे भारतीय सेना को कुछ भी करने की मनाही की गयी है. निवर्तमान सेनाध्यक्ष बिक्रम सिंह ने भी स्पष्ट रूप से जाते समय इस बात को कहा कि भारतीय सेना ने उन घटनाओं पर पाक को सही जवाब दिया था पर उन्होंने इस मसले को पूरी तरह से रणनीतिक बताकर आगे कुछ भी कहने से मना कर दिया था जो कि उनके, भारतीय सेना और भारत सरकार के स्थापित रवैये से पूरी तरह से मेल खाता है.
                                                     जनरल सुहाग के बयान का भाव पाकिस्तानी सेना की समझ में भी आ गया होगा क्योंकि इस तरह के कड़े बयान सदैव से ही भारत पाक एक दूसरे के खिलाफ देने में कभी भी पीछू नहीं रहते हैं तथा इससे दोनों देश के सैन्याधिकारी अपने सैनिकों का मनोबल बढ़ाने का प्रयास किया करते हैं, सेना की दृष्टि से इसे कहीं से भी गलत नहीं कहा जा सकता है. भारतीय सेना अपने दम पर जो काम कर सकती है उसे द्वारा उसी पर अधिक ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है क्योंकि आज भी पाक छिपकर किसी छोटे गश्तीदल पर हमले करने की अपनी नीति से पीछे नहीं हटा है तो इन क्षेत्रों में जहाँ भारतीय सेना पाक चौकियों के बहुत ही करीब गश्त किया करती है वहां पर अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है जिससे पाक को फिर किसी जगह पर घात लगाकर हमला करने का अवसर न मिल पाये. इस काम को धमकी के माध्यम से नहीं वरन अपनी सजगता को बढ़ाकर ही किया जा सकता है.
                                                    जनरल सुहाग ने जिस तरह से बन्दूक लिए देश की रक्षा में लगे हुए अपने भारतीय सैनिक के लिए अपनी चिंता ज़ाहिर की है वह सबसे महत्वपूर्ण बात है और इससे निश्चित तौर पर सैनिकों के मनोबल पर अच्छा असर ही पड़ने वाला है. आज देश की सेना को इस बात पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है पाक की तरफ से होने वाली इस तरह कि हरकतों से कैसे बचा जाये क्योंकि ऐसे खतरे वाले क्षेत्रों में हमारी अपनी रणनीति हमला करने के स्थान पर सीमाओं को सुरक्षित रखने की ही होनी चाहिए. पाक की तरफ से आतंकियों की घुसपैठ को समर्थन किये जाने के लिए बहुत बार अकारण ही गोलीबारी की जाती है जिससे भी बचने और अपने क्षेत्र को सुरक्षित रखने की आवश्यकता भी है. पाक की धूर्तता किसी भी तरह से कम नहीं होने वाली है तो इस पूरे मसले को देखते हुए अपने उन संभावित खतरे वाले क्षेत्रों की पहचान कर वहां पर हमें ही अधिक मुस्तैद और सुरक्षा नियमों का कड़ाई से अनुपालन करना ही होगा तभी हमारे सैनिक सुरक्षित रह पायेंगें और पाक एक नापाक मंसूबे भी असफल हो जायेंगें.         
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