मेरी हर धड़कन भारत के लिए है...

Wednesday, 7 October 2009

बालिका वधू भारत में सबसे ज़्यादा...



यूनिसेफ की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया की सबसे ज़्यादा बालिका वधू भारत में हैं। इस बारे में रिपोर्ट यह भी कहती है कि दक्षिण एशिया ही वह स्थान है जहाँ पर लड़कियों को कम उम्र में ही विवाह के बंधन बाँध दिया जाता है। यही नहीं यहाँ पर काफी बड़ी संख्या में लड़कियों को जबरन सेक्स वर्कर के रूप में इस नर्क में धकेल दिया जाता है। वास्तव में एक टी वी सीरियल से सामने आने वाली सच्चाई कितनी कड़वी हो सकती है यह इस रिपोर्ट से पता चल जाता है। आज भी देश में बहुत बड़ी संख्या में लड़कियों को कच्ची उम्र में ही शादी के बंधन में बाँध दिया जाता है। एक वह उम्र जिसमें खेलना कूदना और अपना भविष्य बनाने की बात होनी चाहिए वहां पर गर्भावस्था, शिशु पालन आदि का कार्य इन लड़कियों को करना पड़ता है। आज भी जब देश आगे जाने की बात खुशी के साथ करता है तो इस तरह की बातें हमारे समाज की बुराइयों की तरफ़ ही हमारा ध्यान आकृष्ट कराती रहती हैं। विवाह किसी भी उम्र में नहीं किया जा सकता है पर भारत में इस बात पर विचार ही नहीं किया जाता है कि क्या किया जाए और क्या नहीं ? अपने घर की इज्ज़त को बचाने के लिए कच्ची उम्र की लड़कियों को कहीं भी किसी भी आदमी के साथ बाँध देने में हमारा समाज बिल्कुल भी संकोच नहीं करता है।
आज हमें यह देखना ही होगा कि इस तरह की वास्तविक रिपोर्ट देश के भविष्य को सामने लाती हैं और हम सभी को इस बुराई को दूर करने का प्रयास करना ही होगा।

मेरी हर धड़कन भारत के लिए है...

3 comments:

  1. बहुत सही लिखा है !!

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  2. समस्या तो पुरानी है ....आखा तीज पर आज भी राजस्थान में बाल विवाह होते है ...शासन और प्रशासन की मौजूदगी तक में ...मामला प्रकाश में आने पर थोड़े दिन हो हल्ला मचता है ...फिर वही ढाक के तीन पात ..!!

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