मेरी हर धड़कन भारत के लिए है...

Sunday, 19 December 2010

हरियाणा से सुधार का झोंका

जहाँ एक तरफ हरियाणा में बहुत सारी सरकारी योजनायें और प्रोत्साहन से जुड़ी बातें भी जिस काम को नहीं करा सकीं वहीं कुछ लोगों के प्रयास ने भिवानी जिले के चांग गाँव से जो उम्मीद की लौ जलाई है वह पूरे देश को ही एक नयी राह दिखा सकती है. भारत भर में हरियाणा में महिला पुरुष लिंग अनुपात में भारी कमी पिछले २ दशकों से देखी जा रही थी जिसको सुधारने के लिए सरकारी स्तर से लगाकर बहुत सारे अन्य उपाय भी कर लिए गए पर जो फल सामने आना चाहिए था वह कभी आ ही नहीं पाया. चांग गाँव को देखकर यह कहा जा सकता है कि अगर मन से सोच लिया जाए और अच्छे ईमानदार प्रयास किये जाएँ तो दुनिया में कोई भी काम किया जा सकता है.
    महिला पुरुष लिंग अनुपात बिगड़ने से पूरे समाज का ढांचा बदल जाता है और इसके लिए कुछ लालची लोगों द्वारा अपना कुछ हितों को साधने के लिए जिस तरह से तकनीक का दुरूपयोग करके कन्या भ्रूण हत्या को बढ़ावा दिया था उस गलती को सुधारने के लिए इस छोटे से गाँव से जो एक उम्मीद दिखाई दी है अगर उसको सरकारी सहायता बिना किसी भ्रष्टाचार के मिल जाये तो पूरा हरियाणा क्या पूरा देश ही इस समस्या से आसानी से निपट सकता है. जिस तरह से कुछ जागरूक लोगों के प्रयास से २ साल के अंतराल में ही इस गाँव में कन्या लिंग अनुपात ७५०:१००० से बढ़कर ८९९:१००० हो गया है उसके लिए यह गाँव बधाई का पात्र है और जिस तरह से इन लोगों ने पूरी हरियाणा की समस्या का बहुत आसानी से हल निकाल लिया है वह अपने आप में बिलकुल अनूठा है.
   इस गाँव में महिलाओं की समस्याओं के लिए एक साक्षर महिला समूह जिस ईमानदारी से काम कर रहा है वह भी अपने आप में बहुत अनोखा है इस समूह ने महिलाओं से जुड़ी समस्याओं को जिस तरह से समझा और जाना है साथ ही इसके लिए कुछ हल भी खोजे हैं यह उसी का असर है कि पूरे गाँव में महिलाओं की समस्याओं पर बहुत ध्यान दिया जाना लगा है. यह एक शुरुवात ही है अब समय है कि इस तरह के प्रयास पूरे हरियाणा क्या पूरे देश में किये जाएँ और अच्छा हो कि इस सारे मामले को केवल स्वयं सेवी संस्थानों के माध्यम से ही चलाया जाना चाहिए जिससे कहीं इतनी अच्छे प्रयास कहीं से भी सरकारी लाल फीताशाही के शिकार न हो जाएँ.   


मेरी हर धड़कन भारत के लिए है...

1 comment:

  1. अच्छा है वर्ना हालत ये हो गई थी कि दूसरे राज्यों से कन्याएं ब्याह कर लाने की नौबत आ रही थी.

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