मेरी हर धड़कन भारत के लिए है...

Saturday, 23 March 2013

आतंकियों का नेपाली मार्ग

                              दिल्ली की जामा मस्जिद इलाक़े के एक गेस्ट हाउस से गोरखपुर में पकडे गए एक संदिग्ध की निशानदेही पर जिस तरह से बड़ी मात्रा में विस्फोटक बरामद किये गए हैं उससे यही लगता है कि आज भी कहीं न कहीं से कुछ लोग देश में इस्लामी आतंकियों के लिए स्लीपिंग सेल का काम करने में लगे हुए हैं. किसी भी बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए जिस तरह की तैयारियों की आवश्यकता होती है वह इस गेस्ट हाउस में बरामद होने वाले विस्फोटक से पता ही चल जाती है साथ ही इस बात की भी आशंका है कि आतंकी भारत में हर उस जगह पर सिलसिलेवार तरीक़े से अपनी उपस्थिति बनाये रखना चाहते हैं जहाँ पर क्रिकेट का जुड़ाव है क्योंकि आज पाकिस्तान में केवल आतंक के कारण ही कोई देश क्रिकेट खेलने नहीं जाता है और उसके यहाँ इस खेल से होने वाली आमदनी पर बहुत बुरा असर पड़ ही चुका है. भारतीय क्रिकेट के नियमिति तौर पर अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में बढ़ते प्रभाव के कारण भी पाक को यही लगता होगा कि कहीं न कहीं वह दहशत फैलाकर अपनी मंशा को पूरी कर सकता है.
                             एक सबसे महत्वपूर्ण बात यह भी है कि इस बार भी दिल्ली पुलिस ने किसी भी तरह से इन साजिशकर्ताओं का पता लगाने में सफलता पाई पर साथ ही यह भी रहा कि इस गेस्ट हाउस में ठहरे हुए उस व्यक्ति को पकड़ने में सफलता नहीं मिली जो यह सारी सामग्री लेकर यहाँ आया था. पूरे आतंकी नेटवर्क में आज कश्मीर सीमा पर बढ़ी चौकसी के बाद जिस तरह से आतंकियों ने नेपाल और भारत के बीच की खुली सीमा का उपयोग करना शुरू कर दिया है उसके बाद अब सुरक्षा एजेंसियों का पूरा ध्यान इसी मसले पर होना चाहिए कि इस रास्ते का उपयोग आतंकी और अन्य समाज विरोधी तत्व न करने पाएं क्योंकि जब तक यहाँ से इस तरह से आतंकी मंसूबों को लेकर आराम से आवागमन चलता रहेगा तब तक देश का कोई भी हिस्सा सुरक्षित नहीं रह सकेगा. इस समस्या पर विचार करने के लिए अब भारत को नेपाल से अपनी खुली सीमा नीति की समीक्षा करनी चाहिए क्योंकि नेपाल में जिस तरह से चीन और पाक का गठजोड़ बनता जा रहा है वह आने वाले समय में देश के लिए नुकसान देह साबित होने वाला है.
                             नेपाल से एक ज़माने में हमें कोई ख़तरा नहीं था और आज भी नेपाल के मूल निवासियों से भारत को कोई समस्या नहीं है पर नेपाल की खुली पर्यटन नीति के चलते जिस तरह से आज आतंकी इस मार्ग का खुले आम दुरूपयोग करने में लगे हुए हैं उसे देखते हुए अब इसको इतना पारदर्शी बनाये रखना किसी भी दशा में उपयोगी साबित नहीं होगा और भारत के लिए यह धीरे धीरे एक बड़ा ख़तरा बनकर सामने आएगा. नेपाल से लगी सीमा को अब पूरी तरह से ख़ुफ़िया रडार पर लेने का समय आ गया है क्योंकि इस तरह से अब और खुलापन घातक बन सकता है. इस सीमा पर आवागमन को कुछ प्रपत्रों के साथ आवश्यक कर दिया जाना चाहिए जिससे हमारी द्विपक्षीय संधि का लाभ उठाकर आतंकी आने वाले समय में नेपाल के साथ हमारे रिश्तों को ख़राब करने में कहीं सफल न हो जाएँ. देश को अपने पड़ोस में इस तरह से समस्या उत्पन्न करने वाले पड़ोसियों के स्थान पर बेहतर तालमेल के साथ दोनों देशों की आवश्यकताओं के अनुरूप काम करने वाले सहयोगियों की अधिक आवश्यकता है. नेपाल के साथ बेहतर तालमेल बिठाकर अब इस समस्या को यहीं से समाप्त करने की दिशा में काम करने का समय अब आ चुका है.  
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