मेरी हर धड़कन भारत के लिए है...

Wednesday, 5 May 2010

फिर घुसे आतंकी

खुफ़िया रिपोर्टों से एक बार फिर से यह बात सामने आई है कि देश में गड़बड़ी करने के उद्देश्य से १४० आतंकियों का एक जत्था पश्चिमी सीमा से घुसपैठ करके अंदर आ चुका है. जैसा कि पहले भी खुफ़िया आधार पर दो बार इस तरह के प्रयासों को नाकाम करने में सफलता पाई जा चुकी है फिर भी अभी देश में खुफ़िया तंत्र को जितना मज़बूत होना चाहिए वह नहीं हो पाया है. पहले के मुकाबले इसमें गुणात्मक सुधार तो अवश्य हो चुका है फिर भी देश की खुली हुई सीमायें और भ्रष्टाचार के हाथों बिके हुए चंद सरकारी कर्मचारी ही नियमों की अनदेखी कर देश के खिलाफ़ काम करने में लगे रहते हैं. आज ऐसा समय आ चुका है कि सुरक्षा मामलों में ज़रा सी भी ढील बहुत भारी पड़ सकती है. देश की सुरक्षा से जुड़े मामलों को अब एक विषय के रूप में छात्रों को पढ़ाया जाना चाहिए क्योंकि देश में किसी समस्या के आने पर हमारा भीड़ तंत्र हमारी व्यवस्था को ध्वस्त कर देता है. आतंकियों ने कई बार हमलों के बाद निकट के अस्पतालों पर भी हमला किया है क्योंकि उन्हें पता है कि ऐसे में वहां पर घायलों का हाल जानने के लिए भारी भीड़ उमड़ने वाली है, इस सारे षड़यंत्र में आतंकियों के हाथ में हम अपने को असहाय पाने लगते हैं क्योंकि ऐसे में आम नागरिकों को यह पता ही नहीं होता कि किस तरह से व्यवहार किया जाये.
    आज जब देश में क्या सारी दुनिया में ही आतंक का बोलबाला है तो उस समय अगर आने वाली पीढ़ी को इस ख़तरे के प्रति सचेत कर दिया जाये तो काफी कुछ किया जा सकेगा. किसी भी आतंकी हमले के समय हमारा व्यवहार ही हमें समस्या की तरफ ले जा सकता है या फिर अगर हम ज़िम्मेदारी से काम करें तो हम खुद तो बच पायेंगें साथ ही देश के बहुमूल्य जन धन को हानि से भी बचा पाने में सफल हो सकेंगें. आज हर एक नागरिक को आतंक से निपटने की तरकीब पता होनी चाहिए साथ ही यह भी पता होना चाहिए कि देश की सुरक्षा में आम नागरिक किस तरह से अपना योगदान दे सकता है ? देश हमारा है और इसकी सुरक्षा को हम चंद सुरक्षा कर्मियों के भरोसे छोड़कर आराम तो नहीं कर सकते हैं अब समय आ गया अहि कि हम भी अपने कर्तव्यों को जाने और देश की सुरक्षा को मज़बूत करने में अपना योगदान कर सकें. 
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मेरी हर धड़कन भारत के लिए है...

2 comments:

  1. आज जब देश में क्या सारी दुनिया में ही आतंक का बोलबाला है तो उस समय अगर आने वाली पीढ़ी को इस ख़तरे के प्रति सचेत कर

    ek sacchai........

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