मेरी हर धड़कन भारत के लिए है...

Friday, 25 September 2015

हज हादसा

                                                             दुनिया भर के मुसलमानों की पवित्र हज यात्रा के दौरान एक बार फिर से हुए हादसे ने जहाँ है यात्रा पर गए लोगों के परिजनों को हिलाकर रख दिया वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग इस हादसे के बाद भी अपनी अनावश्यक राय देने से बाज़ नहीं आये. ईरान की तरफ से आये बयान को कहीं से भी सही नहीं कहा जा सकता है क्योंकि सऊदी सरकार की तरफ से यात्रा के लिए हर संभव अच्छे प्रयास किये ही जाते हैं पर जहाँ दुनिया भर से लाखों लोग इस तरह से यात्रा पर आये हों वहां पर कई बार कुछ समस्याओं के कारण हादसे हो भी जाते हैं. पूरी हज यात्रा में बकरीद के दिन ही सारे यात्री एक ही जगह पर इकठ्ठा होते हैं क्योंकि इसी दिन हज को पूरा माना जाता है भले ही कुछ यात्री पहले गये हो या अभी दो दिन पहले ही पहुंचे हों. इस यात्रा के विभिन्न चरणों को अलग अलग चरणों में संपन्न कराया जाता है पर बकरीद का दिन सबसे बड़ी चुनौती का होता है क्योंकि सभी यात्रियों को यात्रा से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण और आवश्यक काम इस दिन ही करने होते हैं जिससे सरकार और यात्रियों पर इसे सुरक्षित रूप से संपन्न कराने का दबाव बढ़ जाता है.
                              पूरी दुनिया का कोई भी हिस्सा हो और चाहे कितने भी अनुशासित लोग क्यों न हों पर जब बड़े समूह में कुछ अचानक से ही गड़बड़ होता है तो व्यवस्था में लगे हुए लोगों के लिए इसे सम्भालना मुश्किल हो जाता है. इस हादसे की क्या वजह रही यह तो समय के साथ ही पता चल पायेगा पर आरम्भिक जांच में गर्मी और है यात्रियों के दो समूहों के आमने सामने आ जाने से इस तरह की घटना होने की बात कही जा रही है. मानवीय स्वभाव ही कुछ ऐसा है कि धार्मिक मामलों में अचानक से सभी एक जैसे हो जाते हैं और शिक्षित या अशिक्षित लोगों का फर्क मिट जाता है हर व्यक्ति धार्मिक मान्यताओं एक अनुसार परम्पराओं को सबसे पहले ही निभाना चाहता है और जब भी महत्वपूर्ण व्यवस्था गत मामलों में इस तरह से नियमों से अलग हटना शुरू किया जाता है तो कहीं न कहीं इ इस तरह के गंभीर हादसों के होने से बचा नहीं जा सकता है. इतनी बड़ी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अब सऊदी सरकार को भी कुछ महत्वपूर्ण कामों पर ज़ोर डालना होगा साथ ही सम्बंधित देशों में भी हज यात्रियों को आवश्यक ट्रेनिंग दी जानी चाहिए.
                               पूरी हज यात्रा में किस तरह से कब और क्या करना है यह हर यात्री को पता होना चाहिए और किसी गंभीर हादसे के होने पर यात्रियों को क्या करना और क्या नहीं करना चाहिए इस बात की भी पूरी ट्रेनिंग देकर इनें भेजा जाना चाहिए क्योंकि कई बार अपनी जान बचाने के लिए गलत तरीके से किये गए प्रयासों से भी राहत में बाधा पड़ने लगती है और स्थापित व्यवस्था भंग हो जाती है. सऊदी सरकार को दुनिया भर के देशों से संपर्क कर एक कारगर व्यवस्था के बारे में यात्रियों को जागरूक करना चाहिए और जो संभावित हादसे के स्थान हो सकते हैं वहां पर यात्रियों को किस तरह से सावधानियां बरतनी चाहिए इस बारे में भी पहले से ही समझाया जाना चाहिए. हज यात्रा की तैयारियों में कई महीने लगते हैं तो चयनित यात्रियों को इस बारे में उनके सम्बंधित ज़िले या तहसील और ब्लॉक में एक बार इस सम्बन्ध में पूरी जानकारी देने की कोशिश करनी चाहिए जिससे लोग जागरूक भी रहें और किसी भी हादसे के लिए वहां के प्रशासन के लिए किसी भी तरह की समस्या न पैदा करें. भारत से बहुत बड़ी संख्या में लोग हज करने जाते हैं तो सभी को इस यात्रा के बारे में पूरी जानकारी देनी चाहिए. सऊदी सरकार को भी दोबारा यात्रा करने के इच्छुक लोगों को हर तरह से रोकने का प्रयास भी करना चाहिए जिससे जो लोग एक बार भी वहां नहीं पहुँच पाये हैं उनको भी यह अवसर मिल सके और वहां की भीड़ को भी रोका जा सके. 
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